
चतुर्थ क्रमोन्नति के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक परेशान, बार-बार मांगे जा रहे दस्तावेज,तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने शिक्षकों को अनावश्यक परेशान न करने की उठाई मांग
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना। जिले के उन शिक्षकों में भारी नाराजगी व्याप्त है जिनकी सेवा 1 जुलाई 2023 को 35 वर्ष पूर्ण कर चुकी है और जो चतुर्थ क्रमोन्नति के पात्र हैं। शिक्षकों का आरोप है कि मध्यप्रदेश शासन एवं नव नियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए जाने के बावजूद उन्हें क्रमोन्नति का लाभ प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पात्र शिक्षकों ने क्रमोन्नति संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज, वर्ष 2023 तक की गोपनीय चरित्रावली तथा अन्य अभिलेखों सहित तीन-तीन फाइलें पूर्व में ही संबंधित संकुलों में जमा कर दी थीं। इसके बावजूद अब शिक्षकों से पुनः दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि उनका समस्त सेवा अभिलेख संकुल स्तर पर उपलब्ध है, ऐसे में बार-बार फाइलें जमा कराने का औचित्य समझ से परे है।
विशेष चिंता का विषय यह है कि क्रमोन्नति का लाभ पाने वाले अधिकांश शिक्षक वरिष्ठ नागरिक हैं। इनमें कई शिक्षक 62 से 67 वर्ष की आयु के हैं, जबकि कुछ शिक्षक प्रदेश से बाहर निवास कर रहे हैं और कुछ का निधन भी हो चुका है। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच वरिष्ठ नागरिक शिक्षकों को बार-बार संकुल कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, जिला पांढुरना के संरक्षक चंद्रशेखर इंगले ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मांग की है कि 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ देने की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न की जाएं। उन्होंने कहा कि आवश्यक अभिलेखों का संधारण एवं परीक्षण संकुल स्तर पर किया जाना चाहिए तथा वरिष्ठ नागरिक शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
श्री इंगले ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दस्तावेजों की पुनः मांग और कार्यालयों के चक्कर लगाने के कारण किसी वरिष्ठ शिक्षक के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संकुल प्राचार्य की होगी।